जज़बातों का रंग मंच हूँ मैं,हालातों की कहानी लिखती हूँ,जो दिखता उसका खिताब,जो छिपा उसका कहल भी बेहिसाब लिखती हूँ।।जो मेरी हैसियत में नही मैं वो हर ख्वाब की बिसात लिखती हूँ,जो हैसियत में मिला उसका भी धन्यवाद लिखती हूँ।।IPK