Shukrana गुरुजी, आप से जुड़े विश्वास और श्रद्धा के उन धागों की मज़बूती को परखना सीखा दीजिए ताकि जब जब अपनी झोली आपके सामने फैलाएँ, शुकराने की लाज आपके प्यार और रहमतों से सजी उस झोली को सम्हाल सके।